21 जुलाई, 2013

माँ तो हूँ ही - अब सासु माँ भी



माँ तो हूँ ही - अब सासु माँ भी . इन्हीं सुखद क्षणों के सुख के लिए मैं आप सबसे दूर थी . आइये इन क्षणों को देखकर अपना आशीर्वाद दीजिये . ये है मेरी बेटी सौ.खुशबू और मेरा दामाद चिरंजीवी सौरभ प्रसून …… 

रामायण है इतनी

रूठते हुए  वचन माँगते हुए  कैकेई ने सोचा ही नहीं  कि सपनों की तदबीर का रुख बदल जायेगा  दशरथ की मृत्यु होगी  भरत महल छोड़  स...