06 मार्च, 2010

अपर्णा की तलाश


ये दो नज्में इमरोज़ जी ने भेजी है...........एक अपर्णा की है, और दूसरी नज़्म अपर्णा की नज़्म के जवाब में इमरोज़ की है .
अपर्णा का पता उनसे खो गया और वे यह नज़्म उसे भेज नहीं सके......यह उनका प्रयास है मेरे द्वारा उन्हें ढूँढने का......मुझे
विश्वास है- यह प्रयास सफल होगा, जो उनकी नज़्म से वाकिफ होंगे उनके द्वारा अपर्णा तक यह बात पहुंचेगी..


अमृता
कल सपने में
मैं तुम्हारे प्रेमी से
मिलने जा रही थी
लेकिन
सपना टूट गया
और मिल नहीं पायी !
मैं मायूस हो गई
फिर मैंने दूसरा सपना देखा-
सपने में मैं सोकर उठी
तो सामने देखा- तुम्हारा प्रेमी !
मैंने आँखें बन्द कर लीं
फिर खोलीं
सामने था -मेरा प्रेमी !
मैंने फिर आँखें बन्द कीं
फिर खोलीं
फिर सामने - तुम्हारा प्रेमी !
पूरे सपने में यह सिलसिला चलता रहा
दोनों मुझे प्यार से देखते रहे !
अब आज तुम्हारा प्रेमी
मेरा प्रेमी बन गया है
और तुम
अ--मृता हो मुझमें !

अपर्णा


एक अमृता
तो मैं अब भी
जी रहा हूँ...
प्यार की खुशबू - अमृता ......

अमृता से अपर्णा तक
और ना जाने
कितने दिलों तक फैली हुई
ये खुशबू
कभी चाहत बनकर
कभी सपना बनकर
खामोश
पर जी रही है ....

इस अमृता का
कभी राधा नाम रहा
कभी मीरा
कभी हीर कभी सोहणी
और एक अपर्णा भी है ...

नाम ही बदलते हैं
प्यार नहीं बदलता ...

इमरोज़

37 टिप्‍पणियां:

  1. अपर्णा जी और इमरोज़ जी के नज्में पढ़वाने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया! एक से बढ़कर एक नज्में हैं!

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  2. Imroz ji ko padhna hamesh se achcha lagta hai ....aur jawab to lajawaab hai....ye Aprana ji kaun hai ? aapko pata hai hamko Imroz ji ne new year par nazm bheji nahi ki share sabse...socha sirf mere liye hai to possessive....unke shabdo se sajayenge kisi roz apna blog bhi

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  3. "नाम ही बदलते हैं
    प्यार नहीं बदलता..."
    इमरोज़-अमृता प्यार को मूर्त करते वो दो नाम जो कभी नहीं बदलेंगे शायद...
    इस तलाश ने दो ख़ूबसूरत नज़्मों से रु-ब-रु करवाया... उम्मीद है तलाश जल्द ही मुक़म्मल होगी...

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  4. नाम ही बदलते हैं
    प्यार नही बदलता ।
    इमरोज जी का जवाब लाजवाब !

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  5. मम्मी जी.... यह रचना बहुत अच्छी लगी...

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  6. rashmi ji,
    amrita imroz ek pahchan hin nahin balki wo prem ke prateek aur hamari anubhutiyon ko aayaam dete hain.
    aparna ji jahan bhi hon unhe unki rachna mil jaye jo imroz ji ne likha hai unke liye.
    aapko bahut dhanyawaad aur shubhkamnayen.

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  7. adbhut!!!
    in shabdo me prem ka jo khoobsurat ehsaas hai wah dil ko chu jaata hai.
    aapko bahut bahut dhanyawaad maa'm!!
    aadar sahit-
    ROHIT

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  8. दोनो नाज़्में प्यार के गहरे एहसासों को जी रही हैं .... ये काग़ज़ पर उतरी साँसे हैं कोरे शब्द नही ...

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  9. प्यार की सीधी सरल और सच्ची परिभाषा
    सुमन ‘मीत’

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  10. नाम बदलते हैं ...प्यार नहीं बदलता ...
    इतनी खूबसूरत नज्में पढवाने के लिए आपका बहुत आभार ....!!

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  11. नाम बदलते हैं ...प्यार नहीं बदलता ...
    Pyar ke gahare ahsaas mein dubi rachnayen bahut khoobsurat hai..
    Pyari Shubhkamnayne...

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  12. vismit kar dene wali rachnaayen... naam badalte hai
    pyar badalte nahi dekhi...
    rashmi ji do behtreen rachna padwane ke liye shukriya.. ho sakta hai ki imroz ji ko amrita mil jaayen...

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  13. इस अहसास को जीने के लिये हैं यह नज़्मे ..इनमें डूब जाने के लिये हैं ।

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  14. बहुत कम मौकों पर मैं खामोश हो जाता हूँ, कुछ बोल नहीं पाता...

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  15. बहुत प्यारी है ये नज्मे..धन्यवाद

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  16. प्यार में तैरती उतराती नज्में

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  17. महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनायें

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  18. नाम ही बदलते हैं
    प्यार नही बदलता ।
    इमरोज जी का जवाब लाजवाब !

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  19. अपर्णा जी और इमरोज़ जी के नज्में पढ़वाने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया! एक से बढ़कर एक नज्में हैं!

    rashmi didi aap ka aabhar en rachnaon ke liye.

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  20. mahila divas ki badhai is sundar prembhare sandesh ke saath .ahsaas mitte nahi ,jagah sirf badalte hai .

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  21. इन दो खुबसूरत नज्मों से परिचय बहुत अच्छा लगा ! आभार !

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  22. Rashmi Prabha ji sadar pranam...

    maine aapke lekh padhe.. ye wakai bahut achche hai...
    mera aapse nivedan hai ki kripya mujhe bhi achcha likhne k liye mera marg darshan kare....

    - nikita

    love-you-mom.blogspot.com

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  23. "नाम ही बदलते हैं
    प्यार नहीं बदलता..."

    सही है।

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  24. एक बहतरीन नज़्म ....
    वाह.
    बस एक लम्हा जो मेरे दिल को छू गया और पल भर में ही खो जाने का मन किया जब आँखे बन्द थी तो तुम्हारा प्रेमी और आँखें खोली तो मेरा प्रेमी और इस सिलसिले से एक दूसरे के प्रेमी में अपने प्रेम की छवि देखना वो भी एक ही नाम के लिए अपर्णा....

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  25. रश्मि जी, नज़्म कहना आसान नहीं है...
    भावनाओं को संपूर्णता देना बड़े हुनर का काम है...
    यहां प्रस्तुत दोनों नज़्म काफ़ी गहरे भाव लिये हुए हैं.

    इस साहित्यिक दस्तावेज़ के लिये बधाई.

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  26. इमरोज प्यार में जीते हैं , इसलिए जानते हैं , हर प्यार में जीनेवाले शख्स की तरह ,
    नाम ही बदलते हैं
    प्यार नहीं बदलता |
    आज पहली बार आपके ब्लॉग पर आई , या यूँ कहूँ की इमरोज जी का नाम खींच लाया | अमृता जी को बहुत पढ़ा , अब इmaroj जी में उनकी चाय देखती हूँ |
    सादर
    इला

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