11 अगस्त, 2010

मेरी उसकी बात ...एक पल की



'कहाँ हैं सात रंग '
'हमारे प्यार में'
'किधर?'
... उसने मेरे माथे को चूम लिया
और मेरे चेहरे पर देखते-ही-देखते
इन्द्रधनुषी रंग बिखर गए

'कहाँ है खुशबू '
'हमारे साथ में '
और उसने मुझे बाहों में भर लिया
मलयानिल मेरे रोम-रोम से बहने लगा

'कहाँ है नज़ाकत '
'हमारे विश्वास में '
और कमर में खूंसे आँचल के सिरे को
उसने हौले से खींच लिया
पूरा शरीर सरगम की धुन पर
थिरक उठा

'कहाँ है मासूमियत '
'हमारे ही प्यार में'
और अपनी हथेलियों से
मेरी आँखों को बन्द किया ...
मैं पूरी हो गई
एक पल में !

35 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस नज़्म ने तो शब्दहीन कर दिया……………।बेहतरीन ढंग से जज़्बातों को पिरोया है…………………पूर्णता को पहचान मिल गयी……………बेहद उम्दा अभिव्यक्ति।

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  2. शब्दों और भावों के जाल में अभिव्यक्ति इतनी समां गयी कि सब एक दूसरे में लीन हो गयी . बहुत सुन्दर रचना.

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  3. शब्दों और भावों के जाल में अभिव्यक्ति इतनी समां गयी कि सब एक दूसरे में लीन हो गयी . बहुत सुन्दर रचना.

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  4. "अपनी हथेलियों से
    मेरी आँखों को बन्द किया ...
    मैं पूरी हो गई
    एक पल में !"
    sparsh ke meethe ahsas se pagi,yatharth ke dharatal par khadi rachana.

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  5. "अपनी हथेलियों से
    मेरी आँखों को बन्द किया ...
    मैं पूरी हो गई
    एक पल में !"
    sparsh ke meethe ahsas se pagi,yatharth ke dharatal par khadi rachana.

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  6. 'कहाँ हैं सात रंग '
    'हमारे प्यार में'
    'किधर?'
    ... उसने मेरे माथे को चूम लिया
    और मेरे चेहरे पर देखते-ही-देखते
    इन्द्रधनुषी रंग बिखर गए

    बेहद सुन्दर अभिव्यक्ति।

    kabhi mere blog par bhi aayein.

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  7. भावनाओं की सरगम से सजी प्रस्तुति।
    अपनी हथेलियों से
    मेरी आँखों को बन्द किया ...
    मैं पूरी हो गई
    एक पल में !
    आभार!

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  8. rashmi ji,
    bahut bhaawpurn prastuti, prem ka indradhanushi rang yun hin to sajta hai...shubhkaamnaayen.

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  9. प्रेम की एक और सुन्दर अभिव्यक्ति।

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  10. प्रेम की खूबसूरत अभिव्यक्ति.

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  11. आपकी कविता आपकी ही तरह सहज और सरल है।

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  12. प्यार ही वो सुन्दर क्रिश्मा है जो ज़िन्दगी को बदल देता है। बहुत अच्छी लगी आपकी रचना। धन्यवाद।

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  13. बहुत खूबसूरत एहसासों से गुंथी खूबसूरत नज़्म....

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  14. Mam,jitna khoobsoorat prem hota hai yadi koi uska utna hi khoobsoorat warnan kar de to man-mayoor apne aap naach uthta hai...
    Thank you so much fro providing such great line... specially...
    'कहाँ है मासूमियत '
    'हमारे ही प्यार में'
    और अपनी हथेलियों से
    मेरी आँखों को बन्द किया ...
    मैं पूरी हो गई
    एक पल में !

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  15. प्यार की कोमल भावनाओं को किस सहजता से व्यक्त किया है आपने । बहुत बधाई ।

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  16. बहुत अच्छी प्रस्तुति।
    राजभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार में आपका योगदान सराहनीय है।

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  17. ek to mausam behka saa uspar aapki ye rachnaa...man jhoom gaya

    teej shubh ho

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  18. मम्मी जी... हमेशा की तरह ........ बेहतरीन रचना....

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  19. 'कहाँ है खुशबू '
    'हमारे साथ में '

    'कहाँ है नज़ाकत '
    'हमारे विश्वास में '

    'कहाँ है मासूमियत '
    'हमारे ही प्यार में'
    behad najuk prastuti.....

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  20. 'कहाँ है खुशबू '
    'हमारे साथ में '

    'कहाँ है नज़ाकत '
    'हमारे विश्वास में '

    'कहाँ है मासूमियत '
    'हमारे ही प्यार में'
    behad najuk prastuti.....

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  21. रंगी कैसे मैं उसके रंग में ...
    रंग उसके हाथों में तो थे ही नहीं ...
    बस एक बार पलकें उठी थी ..
    उसकी आँखों के सारे रंग कूदते फांदते
    दौड़े चले आये मेरी ओर ....
    यही ना ...!

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  22. अद्भुत सुन्दर रचना लिखा है आपने और साथ में तस्वीर भी बहुत बढ़िया लगा!

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  23. दीदी
    प्रणाम !
    वाकई अलग अंदाज़ अगर ऐसे कहे तो ग्गाल्ट नहीं होगा '' रंग '' खुसबू '' नजाकत '' और मासूमियत ''' को अगर यूं कह दे तो गलत नहीं होगा शायद जैसे ''' पानी एक रूप में होते हुए भी सभी को समाहित किये होता है जैसे आप कि ये रचना , ऐसा मैं मानता हूँ , सही है ना दीदी !
    सादर

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  24. "अपनी हथेलियों से
    मेरी आँखों को बन्द किया ...
    मैं पूरी हो गई
    एक पल में !"
    बहुत खूबसूरत एहसासों से प्रेम की एक सुन्दर अभिव्यक्ति।

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  25. अपनी हथेलियों से
    मेरी आँखों को बन्द किया ...
    मैं पूरी हो गई
    एक पल में

    bahut sunder!!!

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  26. कमाल की प्रस्तुति ....जितनी तारीफ़ करो मुझे तो कम ही लगेगी

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  27. 'कहाँ है मासूमियत '
    'हमारे ही प्यार में'
    और अपनी हथेलियों से
    मेरी आँखों को बन्द किया ...
    मैं पूरी हो गई
    एक पल में ..

    बहुत खूब ... प्रेम की मासूमियत को बयान कर दिया है ... पूर्ण से संपूर्ण भी तो प्रेम ही करता है ....

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  28. बहुत खूबसूरत एहसासों से प्रेम की एक सुन्दर अभिव्यक्ति।

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