30 दिसंबर, 2012

उसके नाम - शुभकामनायें- :(



नया साल तुम्हारी जिजीविषा को 
विजिगीषा बनाये 
तुम्हारी रगों में वो सारी शक्तियां दौड़ें 
जो दुर्गा की रचना में 
सभी देवताओं ने दी थी 
चंड मुंड शुम्भ निशुम्भ 
महिषासुर जैसे असुरों का सर्वनाश तुम स्वयं करो 
आदिशक्ति का संचार खुद महादेव ने किया है 
तुम्हारी स्वाभाविक स्थिति का भान 
तुम्हें ही करवाने के लिए 
उन्होंने खुद को भी दुःख दिया 
उस दुःख का मोल चुकाओ 
अपनी सामर्थ्य का हर शस्त्र उठाओ 
........... 
सीता,अहिल्या बनने का युग नहीं 
ना ही खुद को शापित अनुभव करने का युग है 
इंतज़ार करना कमजोरी है 
एक एक चिंगारी तुम्हारे अन्दर है 
धधको,भभको 
हर घृणित अपराधी को 
गलाओ,सुखाओ ........ जला डालो 
अपने स्वत्व का अभिषेक खुद करो 
'बेटी' होने की गरिमा को 
महिमामंडित करो 
...........
और हर वर्ष गर्व से कहो 
'यह नया वर्ष मेरा है 
मेरी माँ का है 
मेरे पिता का है 
मेरे भाई का है 
मेरे अपनों का है ' 
नया वर्ष स्वतः उनलोगों के सर पर हाथ रखेगा 
जो यकीनन इन संबंधों के घेरे में आते हैं .......

नया वर्ष आजीवन सत्य का हो 
न्यायिक हो 
सफल हो 
शिव हो सुन्दर हो 
विघ्नहर्ता के क़दमों से इसका आरम्भ हो 
- शुभकामनायें- :(

42 टिप्‍पणियां:

  1. नया वर्ष आजीवन सत्य का हो
    न्यायिक हो
    सफल हो
    शिव हो सुन्दर हो
    विघ्नहर्ता के क़दमों से इसका आरम्भ हो

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  2. सीता,अहिल्या बनने का युग नहीं
    ना ही खुद को शापित अनुभव करने का युग है
    बिलकुल सही कहा है सहमत हूँ यह आपका उद्घोष हर नारी के ह्रदय तक पहुंचे !
    नववर्ष की शुभकामनाओं के साथ प्रेरणादाई रचना के लिए बधाई !

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  3. नया वर्ष आजीवन सत्य का हो
    न्यायिक हो
    सफल हो
    शिव हो सुन्दर हो
    विघ्नहर्ता के क़दमों से इसका आरम्भ हो


    बहुत सुंदर, बहुत सुंदर

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  4. नया वर्ष आजीवन सत्य का हो
    न्यायिक हो
    सफल हो
    शिव हो सुन्दर हो
    विघ्नहर्ता के क़दमों से इसका आरम्भ हो !

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  5. आपकी कविता का एक एक शब्‍द सच हो....यही कामना है..शुभकामना है...

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  6. नया वर्ष आजीवन सत्य का हो
    न्यायिक हो
    सफल हो
    शिव हो सुन्दर हो
    विघ्नहर्ता के क़दमों से इसका आरम्भ हो
    भगवान करे ऐसा ही हो ...यही कामना है...

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  7. तुम्हारी स्वाभाविक स्थिति का भान
    तुम्हें ही करवाने के लिए
    उन्होंने खुद को भी दुःख दिया
    उस दुःख का मोल चुकाओ
    अपनी सामर्थ्य का हर शस्त्र उठाओ
    अपनी सामर्थ्य का हर शस्त्र उठाओ !!

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  8. नया वर्ष आजीवन सत्य का हो
    न्यायिक हो
    सफल हो
    शिव हो सुन्दर हो
    विघ्नहर्ता के क़दमों से इसका आरम्भ हो
    .
    kash aisa hi ho...:) aane wala har varsh !!

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  9. नया वर्ष आजीवन सत्य का हो
    न्यायिक हो
    सफल हो
    शिव हो सुन्दर हो
    विघ्नहर्ता के क़दमों से इसका आरम्भ हो
    मेरी भी यही कामना है..:-)

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  10. एक एक शब्‍द सच कहती कविता,,,
    नए वर्ष की बहुत२ शुभकामनाए,,,,
    ----------------------
    recent post : नववर्ष की बधाई

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  11. सीता,अहिल्या बनने का युग नहीं
    ना ही खुद को शापित अनुभव करने का युग है

    आपने सही कहा, अब समय आगया है अधिकार मांगने की नहीं छिनने की : बहुत सुन्दर ,सामयिक भाव पूर्ण अभिव्यक्ति ;
    इसी सन्दर्भ में मेरी चार पोस्ट : http://kpk-vichar.blogspot.in & http://vicharanubhuti.blogspot.in
    me aapka swagat hai.

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  12. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
    आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल सोमवार (31-112-2012) के चर्चा मंच-1110 (साल की अन्तिम चर्चा) पर भी होगी!
    सूचनार्थ!
    --
    कभी-कभी मैं सोचता हूँ कि चर्चा में स्थान पाने वाले ब्लॉगर्स को मैं सूचना क्यों भेजता हूँ कि उनकी प्रविष्टि की चर्चा चर्चा मंच पर है। लेकिन तभी अन्तर्मन से आवाज आती है कि मैं जो कुछ कर रहा हूँ वह सही कर रहा हूँ। क्योंकि इसका एक कारण तो यह है कि इससे लिंक सत्यापित हो जाते हैं और दूसरा कारण यह है कि पत्रिका या साइट पर यदि किसी का लिंक लिया जाता है उसको सूचित करना व्यवस्थापक का कर्तव्य होता है।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  13. सत्य,सटीक,सार्थक,सच
    बहुत भावपूर्ण-------



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  14. सत्य,सटीक,सार्थक,सच
    बहुत भावपूर्ण-------



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  15. आने वाला वक्त ...सबके लिए अच्छा और शुभ हो ...बस ये ही प्रार्थना कर सकते है

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  16. सार्थक शब्द. इसी प्रलयंकारी नारी का रूप देखने की जरूरत है समाज में घुले दानवो को.

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  17. विघ्नहर्ता के क़दमों से इसका आरम्भ हो
    आमीन !!!

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  18. ♥(¯`'•.¸(¯`•*♥♥*•¯)¸.•'´¯)♥
    ♥नव वर्ष मंगबलमय हो !♥
    ♥(_¸.•'´(_•*♥♥*•_)`'• .¸_)♥




    चंड मुंड शुम्भ निशुम्भ
    महिषासुर जैसे असुरों का सर्वनाश तुम स्वयं करो
    आदिशक्ति का संचार खुद महादेव ने किया है
    तुम्हारी स्वाभाविक स्थिति का भान
    तुम्हें ही करवाने के लिए
    उन्होंने खुद को भी दुःख दिया
    उस दुःख का मोल चुकाओ
    अपनी सामर्थ्य का हर शस्त्र उठाओ

    चिंगारी तुम्हारे अन्दर है
    धधको,भभको
    हर घृणित अपराधी को
    गलाओ,सुखाओ ........ जला डालो
    अपने स्वत्व का अभिषेक खुद करो
    'बेटी' होने की गरिमा को
    महिमामंडित करो

    तथास्तु !

    आपकी लेखनी से सदैव सुंदर , सार्थक , श्रेष्ठ सृजन होता है …
    आदरणीया दीदी रश्मिप्रभा जी
    नमन !

    नया वर्ष आजीवन सत्य का हो
    न्यायिक हो
    सफल हो
    शिव हो सुन्दर हो
    विघ्नहर्ता के क़दमों से इसका आरम्भ हो

    बहुत कुछ ऐसा घट रहा है , जिसकी अनदेखी संभव नहीं ...
    फिर भी आशा का दामन नहीं छोड़ना चाहिए

    वर्ष २०१२ की विदा-वेला में मैं अपनी ओर से नव वर्ष के स्वागत में कहता हूं-
    ले आ नया हर्ष , नव वर्ष आ !

    आजा तू मुरली की तान लिये ' आ !
    अधरों पर मीठी मुस्कान लिये ' आ !
    विगत में जो आहत हुए , क्षत हुए ,
    उन्हीं कंठ हृदयों में गान लिये ' आ !



    आशाएं जीवित रहनी ही चाहिए …

    नव वर्ष की शुभकामनाओं सहित…
    राजेन्द्र स्वर्णकार
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    उत्तर देंहटाएं
  19. अत्यंत हृदयस्पर्शी रचना , बधाई !

    उत्तर देंहटाएं
  20. अत्यंत हृदयस्पर्शी रचना , बधाई !

    उत्तर देंहटाएं
  21. प्रभावी लेखन,
    जारी रहें,
    बधाई !!

    उत्तर देंहटाएं
  22. नया वर्ष आजीवन सत्य का हो
    न्यायिक हो
    सफल हो
    शिव हो सुन्दर हो
    विघ्नहर्ता के क़दमों से इसका आरम्भ हो
    - शुभकामनायें- :
    बहुत बढ़िया सकारात्मक भरी प्रस्तुति ..
    नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाये !

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  23. नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ... आशा है नया वर्ष न्याय वर्ष नव युग के रूप में जाना जायेगा।

    ब्लॉग: गुलाबी कोंपलें - जाते रहना...

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  24. दिन तीन सौ पैसठ साल के,
    यों ऐसे निकल गए,
    मुट्ठी में बंद कुछ रेत-कण,
    ज्यों कहीं फिसल गए।
    कुछ आनंद, उमंग,उल्लास तो
    कुछ आकुल,विकल गए।
    दिन तीन सौ पैसठ साल के,
    यों ऐसे निकल गए।।
    शुभकामनाये और मंगलमय नववर्ष की दुआ !
    इस उम्मीद और आशा के साथ कि

    ऐसा होवे नए साल में,
    मिले न काला कहीं दाल में,
    जंगलराज ख़त्म हो जाए,
    गद्हे न घूमें शेर खाल में।

    दीप प्रज्वलित हो बुद्धि-ज्ञान का,
    प्राबल्य विनाश हो अभिमान का,
    बैठा न हो उलूक डाल-ड़ाल में,
    ऐसा होवे नए साल में।

    Wishing you all a very Happy & Prosperous New Year.

    May the year ahead be filled Good Health, Happiness and Peace !!!

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  25. आपको भी अंग्रेजी नववर्ष की शुभकामनाएं...
    इस साल का अंत बेहद दुखद था
    दामिनी को श्रद्धांजलि

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  26. हर घृणित अपराधी को
    गलाओ,सुखाओ ........ जला डालो
    अपने स्वत्व का अभिषेक खुद करो
    'बेटी' होने की गरिमा को
    महिमामंडित करो

    ....आज इसी ज़ज्बे की जरूरत है..बहुत प्रेरक रचना..नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें!

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  27. आँखों का आक्रोश कलम में उभर कर आया है ....

    रश्मि जी इस धर्म के पालन के लिए बधाई ...!!

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  28. २०१३ का संकल्प ऐसा ही होना चाहिए ...ये की विजय हो पर जल्दी हो ...
    २०१३ शुभ हो ...

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  29. कभी-कभी सोचता हूँ कि कुछ नया करने के लिए नए साल(१ जनवरी) का इन्तेजार क्यूँ , मैं अपना नया साल २४ नवंबर से मनाऊं , तो ? उसी दिन सारे नए काम शुरू करूँ , उसी दिन नए संकल्प , उसी दिन बेहतर भविष्य की नींव | फिर एक पंक्ति याद आती है 'जब जागो तभी सवेरा' |
    .
    आपको भी नए वर्ष की शुभकामनायें , ईश्वर से आपके बेहतर स्वास्थ्य और उज्जवल भविष्य की कामना करता हूँ |
    (पोस्ट के अंत में लगाया हुआ :( का स्माइली काफी कुछ कहता है )

    सादर

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अक्षम्य अपराध

उसने मुझे गाली दी .... क्यों? उसने मुझे थप्पड़ मारा ... क्यों ? उसने मुझे खाने नहीं दिया ... क्यों ? उसने उसने उसने क्यों क्यों ...