02 मई, 2008

कल्पना.....

मैं सोच रही हूँ.......
कुछ लिखना चाहती हूँ........
मेरे शब्द गुम हो गए हैं,
मेरे एहसासों का अपहरण हो गया है,
फिरौती में मेरी कल्पनाएं माँगी जा रही हैं,
मेरे पास यही तो बहुमूल्य संपत्ति है,
हीरों -सी चमक-दमक,
जौहरी ने पहचान लिया,
और एहसासों को बंद कर डाला....
कहता है,कल्पनाएँ दे दो,
वरना एहसासों को मिटा दूँगा!
मैं सोचती रही,
सोचती रही.......
"मूर्ख जौहरी,मेरी कल्पनाएँ जब साथ हैं,
तू एहसासों को भला कैसे मिटा सकेगा,
कल्पनाओं की वसीयत जिन्हें दी है,
उनके साथ मेरे एहसास चलते रहेंगे......."
मैंने फिर शब्द ढूंढ लिए हैं,
और विश्वास भरा एहसास लिए,
सोच रही हूँ,
कल्पनाओं की दिशा में तैर रही हूँ........

14 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत खूब... छुपे शब्दों में एक़ सकारात्मक संदेश देने में सफल हुईं हैं आप... बहुत अच्छा विषय और उससे भी अच्छा प्रस्तुतिकरण.....
    बधाई की पात्र हैं आप ...

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  2. सही है, कल्पनाये जीवन की दशा - दिशा तय करती है और इनका साथ हो तो जीवन में मंजिल को जाने वाले अच्छे, नए रास्तों के मिलने की संभावना प्रबल है |

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  3. "मूर्ख जौहरी,मेरी कल्पनाएँ जब साथ हैं,
    तू एहसासों को भला कैसे मिटा सकेगा,
    कल्पनाओं की वसीयत जिन्हें दी है,
    उनके साथ मेरे एहसास चलते रहेंगे......."

    bahut badhiya
    satya vachan

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  4. और विश्वास भरा एहसास लिए,
    सोच रही हूँ,
    कल्पनाओं की दिशा में तैर रही हूँ........

    bahut hee shaktishali vishwas hai ki sada likhte rahana hai

    Anil

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  5. मैंने फिर शब्द ढूंढ लिए हैं,
    और विश्वास भरा एहसास लिए,
    yahi vishvaas banaye rakhiye.

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  6. bahut acchi kalpana bahut acchi soch ke sath..................

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  7. bahut hi shandaar RASHMI JI .......
    KALPNAA ...BAHUT HI ACHCHHI RACHANAA HAI ..... SHUBHKAMANAYEN.....

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  8. रश्मि जी
    बहुत ही सुन्दर कविता लिखी है आपने। अत्यन्त भावपूर्ण अभिव्यक्ति के लिए बधाई।

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  9. aapki har kalpana ke ehsaason ke sadke,lajawab,sundar.

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  10. ati sunadr bichaar aour use prastut karne ka tarika bhi sundar.

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  11. मैंने फिर शब्द ढूंढ लिए हैं,
    और विश्वास भरा एहसास लिए,
    सोच रही हूँ,
    कल्पनाओं की दिशा में तैर रही हूँ......
    bahut hi sundar rachana hai

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  12. अच्छी रचना है. शुक्रिया. लिखती रहें.
    सादर;

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  13. bhavpoorna rachna....................man moh liya hai isne.........bhut achcha likhti hai aap.

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शाश्वत कटु सत्य ... !!!

जब कहीं कोई हादसा होता है किसी को कोई दुख होता है परिचित अपरिचित कोई भी हो जब मेरे मुँह से ओह निकलता है या रह जाती है कोई स्तब्ध...