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मेरे एहसास इस मंदिर मे अंकित हैं...जीवन के हर सत्य को मैंने इसमे स्थापित करने की कोशिश की है। जब भी आपके एहसास दम तोड़ने लगे तो मेरे इस मंदिर मे आपके एहसासों को जीवन मिले, यही मेरा अथक प्रयास है...मेरी कामयाबी आपकी आलोचना समालोचना मे ही निहित है...आपके हर सुझाव, मेरा मार्ग दर्शन करेंगे...इसलिए इस मंदिर मे आकर जो भी कहना आप उचित समझें, कहें...ताकि मेरे शब्दों को नए आयाम, नए अर्थ मिल सकें ...

10 June, 2010

फिर भी...


क्यूँ हो रहा है ऐसा
मेरी मुस्कुराहट
हल्की हो गई है
ख्वाब कुछ संजीदा से हो गए हैं
आँखों में अकेलेपन की नदी बहने लगी है...

यूँ मैंने प्यार की पाल खोल दी है
तूफ़ान का शोर ना हो
व्यवधान न हो !
और तो और
दुआओं का धागा भी अदृश्य को बाँधा है
फिर भी...

फिर भी ख्वाब कुछ संजीदा से हैं
आँखों में अकेलेपन की नदी है
मुस्कान ....

दुआ है दुआओं का असर दिखाई दे
बेचैन मन को किनारा मिल जाये ..





38 टिप्पणियाँ:

sakhi with feelings ने कहा…

duaao ka asar bhi hoga aur kinara tab milhi jayega..akelapan hai kaha kavitaye hai na sath

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा…

खूबसूरत भावों का सुंदर समुच्चय।
--------
ब्लॉगवाणी माहौल खराब कर रहा है?

kunwarji's ने कहा…

अकेलेपन में भी यूँ कविता का साथ....

बहुत बद्जिया..

कुंवर जी,

Parul ने कहा…

sundar pravah!

shikha varshney ने कहा…

जरुर होगा दुआओं का असर ..इतनी सुन्दर कवितायेँ जो हैं :)

प्रसून दीक्षित 'अंकुर' ने कहा…

फिर भी ख्वाब कुछ संजीदा से हैं
आँखों में अकेलेपन की नदी है
मुस्कान ....

दुआ है दुआओं का असर दिखाई दे
बेचैन मन को किनारा मिल जाये ..

_____________________________

अकथनीय हूँ मैं माँ !

अनामिका की सदाये...... ने कहा…

thank god aaj apka comment box khul gaya varna kabhi khulta hi nahi tha.
bahut sunder rachna jo nirashao se aashao ki taraf le jati hui..

apki post 11/6/10 ke charcha munch k liye select kar li gayi hai.

http://charchamanch.blogspot.com/

abhaar.

Suman ने कहा…

nice

दिलीप ने कहा…

waah Rashmi ji lajawaab rachna...

arun c roy ने कहा…

दुआ है दुआओं का असर दिखाई दे
बेचैन मन को किनारा मिल जाये ..
bahut bhavnatmak humesha ke tarah... shabdon ka jaadu ke man pulkit ho utha

वन्दना ने कहा…

सुन्दर भाव्…………।सुन्दर रचना।

pratima sinha ने कहा…

bahut sundar...

pratima sinha ने कहा…

bahut sundar...

nilesh mathur ने कहा…

बहुत सुन्दर!

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

दुआओं का धागा ....बहुत सुन्दर प्रयोग किया है...मन के एहसास ...मेरे मन को भी भिगो गए....सुन्दर अभिव्यक्ति

Jyotsna Pandey ने कहा…

कुछ अनकहा सा कथ्य ....

दुआए दिखाई दे, यही है दुआ........बहुत सुन्दर!

प्रणाम के साथ शुभकामनाएं...

Udan Tashtari ने कहा…

अति सुन्दर!! वाह!

रचना दीक्षित ने कहा…

बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति भाषा, लय, प्रवाह, सब कुछ एक साथ!!!!!!!!!!!!!! .

'अदा' ने कहा…

bahut sundar ...udgaar hain...
aabhaar..

महफूज़ अली ने कहा…

यूँ मैंने प्यार की पाल खोल दी है
तूफ़ान का शोर ना हो
व्यवधान न हो !
और तो और
दुआओं का धागा भी अदृश्य को बाँधा है
फिर भी...


मम्मी जी....यह पंक्तियाँ दिल में उतर गयीं.....

Babli ने कहा…

बहुत ख़ूबसूरत और भावपूर्ण रचना लिखा है आपने! इस उम्दा रचना के लिए बधाई!

वाणी गीत ने कहा…

आँखों में अकेलेपन की नदी बहने लगी है ...
जब कि दुआओं का धागा तो अदृश्य को बांधा था ...
कल आँख से एक बूँद अनायास ही टपकी थी और तभी आपकी यह कविता पढ़ी ...
कुछ लिखा नहीं मैंने , चुप चाप ही रही ...
उस अकेलेपन की नदी का एक कतरा यहाँ तो नहीं बह आया कहीं ...
इस तरह जुड़े है तुझसे
मेरे दिल के तार बेतार ....
आपकी हर कविता हमेशा मेरे दिल के पास होती है ...
बहुत आभार ...!!

Avinash Chandra ने कहा…

jaane kis pal aapne dua di hogi, badi mashakkat ke baad aakhir comment box khul gaya.......

har dua kubool ho, aur kya kahun :)

Mukesh Kumar Sinha ने कहा…

Di!! tum aur akelapan.......asambhav..:)

teri trimurti, aur fir ham jaise rishte.........aur uske baad itna bada FAN base..................!!

kavita as usual.....best!!

Deepali Sangwan ने कहा…

sundar rachna di, bahut khoobsurat shabd sanyojan

Vinay Prajapati 'Nazar' ने कहा…

हृदय स्पर्शी

---
गुलाबी कोंपलें
The Vinay Prajapati

रंजना ने कहा…

सुन्दर भाव !!!!

manish badkas ने कहा…

सब कुछ तो है
फिर भी है ये सूनापन
लुत्फ़ ये की
रास आने लगा है ये अकेलापन
एकाकीपन को भरने की
शायद ये कोशिश ही थी फिजूल
हुए जो उम्मीदों से बेगाने
तब जा कर छाया है दीवानापन.....!

कविता रावत ने कहा…

फिर भी ख्वाब कुछ संजीदा से हैं
आँखों में अकेलेपन की नदी है
मुस्कान ....

दुआ है दुआओं का असर दिखाई दे
बेचैन मन को किनारा मिल जाये ....
Duwaon ka asar der se sahi magar jarur hota hai..
Aapki har rachna gahare bhav samete rahati hai...
Dil mein utar jaatee hai...

कविता रावत ने कहा…

फिर भी ख्वाब कुछ संजीदा से हैं
आँखों में अकेलेपन की नदी है
मुस्कान ....
दुआ है दुआओं का असर दिखाई दे
बेचैन मन को किनारा मिल जाये ....
Duwaon ka asar der se hi sahi magar jarur hota hai...
Dil mein gahare utarti hai aapki har kavita..

sujit kumar lucky ने कहा…

पल संजीदा से जो दीखते है ..
वो तो जो दिख रहा अब ..
आसू तो जरया बने है बेचैन मन के लिए ..

हेमंत कुमार ♠ Hemant Kumar ने कहा…

फिर भी ख्वाब कुछ संजीदा से हैं
आँखों में अकेलेपन की नदी है
मुस्कान ....

दुआ है दुआओं का असर दिखाई दे
बेचैन मन को किनारा मिल जाये ..
काफ़ी दिनों बाद आपको पढ़ना अच्छा लगा-----सुन्दर रचना।

सुमन'मीत' ने कहा…

कभी कभी अकेलापन ही सच्चा साथी बनता है...... है ना

anjana ने कहा…

सुन्दर रचना।

JHAROKHA ने कहा…

कोमल भावनाओं की खूबसूरत अभिव्यक्ति----।

Mumukshh Ki Rachanain ने कहा…

लाजवाब रचना.................
सुन्दर प्रस्तुति पर हार्दिक आभार

चन्द्र मोहन गुप्त
जयपुर

संजय भास्कर ने कहा…

दुआए दिखाई दे, यही है दुआ........बहुत सुन्दर!

प्रणाम के साथ शुभकामनाएं...

शोभना चौरे ने कहा…

shbd aur bhavnao ka adbhut snyojan