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मेरे एहसास इस मंदिर मे अंकित हैं...जीवन के हर सत्य को मैंने इसमे स्थापित करने की कोशिश की है। जब भी आपके एहसास दम तोड़ने लगे तो मेरे इस मंदिर मे आपके एहसासों को जीवन मिले, यही मेरा अथक प्रयास है...मेरी कामयाबी आपकी आलोचना समालोचना मे ही निहित है...आपके हर सुझाव, मेरा मार्ग दर्शन करेंगे...इसलिए इस मंदिर मे आकर जो भी कहना आप उचित समझें, कहें...ताकि मेरे शब्दों को नए आयाम, नए अर्थ मिल सकें ...

20 January, 2010

'अनुभूतियाँ' दीपक चौरसिया 'मशाल' का काव्य-संग्रह


'अनुभूतियाँ' दीपक चौरसिया 'मशाल' का काव्य-संग्रह - अनुभूतियों के दस्तावेज़ हैं. एक-एक एहसास कदम-दर-कदम हमें बहुत कुछ
सोचने पर विवश करता है - कवि का परिवेशीय व्यक्तित्व उसकी कलम की आत्मा है. जीवन के हर रंग रचनाओं में दृष्टिगत हैं ......
दीपक जी की पहली कविता 'आज भी' दिन भर फिरकनी सी खटती माँ के जीवन का बहुमूल्य सार है, कई माओं के चेहरे जीवंत हो उठते हैं !
कई प्रतीक्षित पार्थ की आँखों के दर्द को बखूबी उकेरते हुए पूछा है 'हल्का क्यूँ है सच का पलड़ा?' कृष्ण का आह्वान कलम की
पूर्णता है !
सोच में हर बात से अलग ब्रम्हांड की सोच नयी बातों का सिरा है, जिसे पकड़कर हम बहुत कुछ सोचने को बाध्य होते हैं.उम्र के २९ वें पडाव तक पहुँचते हुए कवि कई अनुभूतियों से गुजरा हुआ मिलता है यह कहते हुए कि
'कृष्ण बनने की कोशिश में
मैं भीष्म होता जा रहा हूँ
अक्सर चाहता हूँ वसंत होना
जाने क्यों ग्रीष्म होता जा रहा हूँ !'
देश की स्थिति को उजागर करते भाव दिल को झकझोरते हैं-
'बापू तेरी सच्चाई की बोली
कब लगनी है?
बापू तेरे आदर्शों की बोली
कब लगनी है?'
हारे हुए हालातों को कवि खुले द्वार देता है -
पूरे संग्रह का एक पक्ष बहुत ही गंभीर, प्रशंसनीय है.........'छोटी बऊ(दादी)'का चित्रण , जो कि कवि के ही शब्दों में एक अतुलनीय प्रेम के आदर्श का प्रतिष्ठापन है, जो उनकी दादी को सम्मान देता है .
कविताओं के मर्म से गुजरते हुए मैं कवि के सुलझे व्यक्तित्व के और करीब आई हूँ, और करीब से जाना है, और यही दुआ शामिल की है कि कलम की प्रखरता बनी रहे, कवि जीवन के बहुमूल्य क्षणों का स्तम्भ बने !

28 टिप्पणियाँ:

ρяєєтι ने कहा…

"Anubhutiya" ke liye bahut bahut badhai Dipak bhai..!

रंजना ने कहा…

Aapki shubheksha ke swar me main apne swar milati hun....

Aapne inki rachnaon me se jo ansh udhrit kiye we pramaan hain inke lekhan ki utkrishtta ke...

Dipak 'Mashal' ने कहा…

Aapko Vasant Panchmi ki hardik shubhkamnayen..
Aapko Mammy kahta hoon isliye abhaar to vyakt nahin kar sakta.. bas yahi kahoonga aasheesh evam sneh banaye rakhen..

sakhi with feelings ने कहा…

dipak ji bahut bahut badhayee

दिगम्बर नासवा ने कहा…

दीपक जी एक संवेदनशील कवि हैं ....... आपने बहुत अच्छी चर्चा करी है इनकी किताब की ..........

"अर्श" ने कहा…

अनुभूतियाँ के लिए दीपक मशाल को बहुत बहुत बधाई ... कलम खूब तरक्क्की करे यही दुआएं हैं...


आपको भी सादर प्रणाम,

अर्श

महफूज़ अली ने कहा…

दीपक को बहुत बहुत बधाई....

मनोज कुमार ने कहा…

आपको वसंत पंचमी और सरस्वती पूजन की शुभकामनाये !

राज भाटिय़ा ने कहा…

बहुत सुंदर लगा दीपक को पढना
बसंत पंचमी की शुभाकामनाऎ

राज भाटिय़ा ने कहा…

बहुत सुंदर लगा दीपक को पढना
बसंत पंचमी की शुभाकामनाऎ

sangeeta swarup ने कहा…

दीपक जी को शुभकामनायें....उनकी लेखनी में बहुत संभावनाएं हैं....

आपने दीपक और उनकी लेखनी का परिचय कराया ,इसके लिए आभार

डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर ने कहा…

हमने दीपक का बचपन देखा है तभी ऐसा अनुभव हुआ था कि ये कुछ न कुछ अलग करेगा. उसने दो काम तो अलग ही करके दिखाए. एक तो कोंच जैसी छोटी जगह से ब्रिटेन तक पहुंचा और बहुत ही सुन्दर कविता संग्रह हम सबको दिया.
आपने इसका बहुत सुन्दर चित्र यहाँ प्रदर्शित किया है.

jenny shabnam ने कहा…

rashmi ji aapka dhanyawaad, aapke dwaara deepak ji ko janne ka suawsar mila.
deepak ji ko bahut shubhkamnayen sadaiv unki lekhni mein utkrishtata bani rahe.

खुशदीप सहगल ने कहा…

दीपक से रू-ब-रू मिलना और भी बड़ी अनुभूति है...

जय हिंद...

वाणी गीत ने कहा…

दीपक जी की अनुभूतियों का सटीक वर्णन और विवरण ...
दीपक जी को बहुत शुभकामनायें ....!!

वन्दना ने कहा…

deepak ji ki anubhutiyon ki bahut hi sundar charcha ki aapne...........deepak ji ko badhayi.

rashmi ravija ने कहा…

दीपक को 'अनुभूतियों' के लिए बहुत बहुत बधाई....आपने बड़ी अच्छी विवेचना की है,पुस्तक की...शुक्रिया..

KAVITA RAWAT ने कहा…

Deepak ji ko bahut badhi aur pustak charch ke liye aapko shubhkamnayne......

संजय भास्कर ने कहा…

दीपक से रू-ब-रू मिलना और भी बड़ी अनुभूति है...

संजय भास्कर ने कहा…

दीपक जी की अनुभूतियों का सटीक वर्णन और विवरण ...
दीपक जी को बहुत शुभकामनायें ....!!

संजीव गौतम ने कहा…

दीपक जी के काव्य व्यक्तित्व से परिचित करवाने के लिये धन्यवाद.
दीपक जी निश्चित ही उम्दा रचनाकार हैं.

श्रद्धा जैन ने कहा…

Deepak ji ko bahut bahut badhayi
unki kitaab anubhutiyon ke liye

aapne pustak ki charcha ki aur jaankari di uske liye shukriya

MUFLIS ने कहा…

"anubhootiyaaN"
ke liye
Deepak ji ko
badhaae...
aur
steek smiksha ke liye
aapka aabhaar .

Devendra ने कहा…

दीपक जी को उनके काव्य-संग्रह अनुभूतियाँ के लिए ढेर सारी बधाईयाँ.
रश्मि जी को जानकारी देने के लिए आभार.
..शायद कभी पढने का सुअवसर भी मिले.

मस्तानों का महक़मा ने कहा…

कवि के कलम को दुआ देते हुए हम तक ये बात पहुचाने का बहुत बहुत शुकरिया...हमारी तरफ से दीपक जी को बहुत शुभकामनाएँ.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

बधाई स्वीकार करें।
ज्ञानदायिनी मातु का जो करते हैं ध्यान!
माता उनके हृदय में भर देती हैं ज्ञान!!

arun c roy ने कहा…

depak ji ke baare mein jaankar achha laga... din bhar phirkani ki tarah khati rehti hai maa.... soulful panktiya hain...

वेदिका ने कहा…

दीपक जी की किताब के बारे में परिचय देने का
आभार ..... आपका धन्यवाद ..... दीपक जी को शुभकामनायें ...!