18 मार्च, 2011

'रंग दूँ तुम्हें ....






होली का आना
और बहाना
लग जाये अबीर मांग में
भाव ऐसा
कि भूले से भर गई मांग !....
और चेहरे की रंगत
एक ख्याल दे जाये - साथ होने का !
उस उम्र में फागुन की गंध में
अल्ल्हड़ता की भांग मिली होती थी
एक चुटकी अबीर
आईने में चेहरे को कैद कर देती थी
....
फागुन के आते
आज भी वो चेहरा आईने से झांकता है
एक चुटकी अबीर गालों पे
और मांग में -( भूले से )... याद दिलाता है
वह रंग बड़ा पक्का था
उम्र का नशा बड़ा गहरा था
तभी तो खिलखिलाते हुए थाम कर हाथ
आज भी कोई कहता है
'रंग दूँ तुम्हें ....'

47 टिप्‍पणियां:

  1. 'रंग दूँ तुम्हें ....'

    यूं तो हर शब्‍द होली के रंग में भीगा हुआ है ...और यह पंक्ति ...गुलाल के संग एक खूबसूरत सवाल ...होली की शुभकामनाएं ...।।

    उत्तर देंहटाएं
  2. तभी तो खिलखिलाते हुए थाम कर हाथ
    आज भी कोई कहता है
    'रंग दूँ तुम्हें ....'

    वाह..वाह...वाह...अप्रतिम रचना...
    होली की ढेरों शुभकामनाएं.
    नीरज

    उत्तर देंहटाएं
  3. आपको होली की सपरिवार हार्दिक शुभ कामनाएं!

    सादर

    उत्तर देंहटाएं
  4. वह रंग बड़ा पक्का था
    उम्र का नशा बड़ा गहरा था
    तभी तो खिलखिलाते हुए थाम कर हाथ
    आज भी कोई कहता है
    'रंग दूँ तुम्हें ....
    मन पर चढ़े रंग उतरते कहाँ हैं , उम्र का नशा उतर जाने के बाद भी ,झलक दिखा ही जाते हैं !

    उत्तर देंहटाएं
  5. रश्मि दी, आपने जो होली के गीत का बेहतरीन लिंक दिया है उसके लिये बहुत-बहुत आभार ।।

    उत्तर देंहटाएं
  6. वह रंग बड़ा पक्का था
    उम्र का नशा बड़ा गहरा था
    तभी तो खिलखिलाते हुए थाम कर हाथ
    आज भी कोई कहता है
    'रंग दूँ तुम्हें ....'

    यही रंग पक्के होते हैं जो हमेशा याद रहते हैं ...

    उत्तर देंहटाएं
  7. अतिसुंदर रंगमयी रसपूर्ण रचना.होली के शुभावसर पर हार्दिक शुभ कामनाएँ.

    उत्तर देंहटाएं
  8. उम्र का नशा बड़ा गहरा था
    तभी तो खिलखिलाते हुए थाम कर हाथ
    आज भी कोई कहता है
    'रंग दूँ तुम्हें ....'

    दिल की धड्कने बढा गयीं ये पंक्तियां …………कितना मीठा सा अहसास है इन शब्दो मे …………।रंग दूं तुम्हें…………वाह्…………होली की हार्दिक शुभकामनायें।

    उत्तर देंहटाएं
  9. उम्र का और रंग का या कहना,"तुम्हे रंग दूं " ...
    सोचती हूँ ज्यादा नशा किसका है !!

    उत्तर देंहटाएं
  10. यह रंगीन याद बनी रहे,यही कामना है।

    उत्तर देंहटाएं
  11. मन पर चढ़े रंग उतरते कहाँ हैं...…होली की हार्दिक शुभकामनायें।

    उत्तर देंहटाएं
  12. बहुत भावपूर्ण...होली की हार्दिक शुभकामनायें!

    उत्तर देंहटाएं
  13. वाह होली का टीका यहाँ लग गया ..सुन्दर
    होली मुबारक हो दी!

    उत्तर देंहटाएं
  14. bahut sunder rachna hai khaskar
    fagun ke aate se lekar ant tak bahut sunder ..........
    holi ki anek shubhkamnaye aapko...

    उत्तर देंहटाएं
  15. रंग स्मृतियों को गाढ़ा कर जाता है।

    उत्तर देंहटाएं
  16. rang doon tumhe ...................

    sahaj ,apnepan ke saath bejod rachna .

    उत्तर देंहटाएं
  17. बहुत सुन्दर रचना!
    --
    उनको रंग लगाएँ, जो भी खुश होकर लगवाएँ,
    बूढ़ों और असहायों को हम, बिल्कुल नहीं सताएँ,
    करें मर्यादित हँसी-ठिठोली।
    आओ हम खेलें हिल-मिल होली।।
    --
    होलिकोत्सव की शुभकामनाएँ!

    उत्तर देंहटाएं
  18. आपकी उम्दा प्रस्तुति कल शनिवार (19.03.2011) को "चर्चा मंच" पर प्रस्तुत की गयी है।आप आये और आकर अपने विचारों से हमे अवगत कराये......"ॐ साई राम" at http://charchamanch.blogspot.com/
    चर्चाकार:Er. सत्यम शिवम (शनिवासरीय चर्चा)

    उत्तर देंहटाएं
  19. रंग दूं तुम्हें ......
    केवल ये एक पंक्ति ही पूरी कविता की इन्द्रधनुषी सुंदरता को व्यक्त करने में सक्षम है
    बहुत सुंदर !
    आप को और परिवार के सभी सदस्यों को होली की बधाई और शुभकामनाएं

    उत्तर देंहटाएं
  20. वह रंग बड़ा पक्का था
    उम्र का नशा बड़ा गहरा था
    तभी तो खिलखिलाते हुए थाम कर हाथ
    आज भी कोई कहता है
    'रंग दूँ तुम्हें ....'


    और यह रंग एक बार चड़ने के बाद कभी उतरता नहीं है ...आपको सपरिवार होली की हार्दिक शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं
  21. भाव ऐसा
    कि भूले से भर गई मांग !....

    बहुत कुछ याद दिला गई ये पंक्तियाँ ......
    एक चुटकी अबीर आपको भी ....!!

    उत्तर देंहटाएं
  22. उस उम्र में फागुन की गंध में
    अल्ल्हड़ता की भांग मिली होती थी
    एक चुटकी अबीर
    आईने में चेहरे को कैद कर देती थी
    ....
    man ko choone ki chamta hai aapki kavita men....bahot khoobsurat.

    उत्तर देंहटाएं
  23. कविता की प्रत्येक पंक्ति में अत्यंत सुंदर भाव हैं.... बहुत-बहुत बधाई !

    उत्तर देंहटाएं
  24. सुन्दर कविता.. बेहद कोमल रचना और भाव !

    उत्तर देंहटाएं
  25. होली की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!
    बहुत सुंदर रंग...

    उत्तर देंहटाएं
  26. हफ़्तों तक खाते रहो, गुझिया ले ले स्वाद.
    मगर कभी मत भूलना,नाम भक्त प्रहलाद.
    होली की हार्दिक शुभकामनायें.

    उत्तर देंहटाएं
  27. Ranj ABir me nahai ye post bahut pasand aai .

    Apko holi ki Hardik Subhkamnaye.
    Charan Asparsh Didi..... ashrivad ki kamna. :)

    उत्तर देंहटाएं
  28. ठुमके केसे लगे प्रभाजी --होली की बधाई --एक चुटकी गुलाल मेरी तरफ से भी -----!!

    उत्तर देंहटाएं
  29. आप को सपरिवार होली की हार्दिक शुभ कामनाएं.

    सादर

    उत्तर देंहटाएं
  30. उम्र भर बना रहे ये नशा .होली की हार्दिक शुभकामनाये

    उत्तर देंहटाएं
  31. आज भी कोई कहता है
    'रंग दूँ तुम्हें ....'
    इससे सुन्दर रंग और क्या होगा!
    होली की हार्दिक शुभकामनाएँ

    उत्तर देंहटाएं
  32. वह रंग बड़ा पक्का था
    उम्र का नशा बड़ा गहरा था
    तभी तो खिलखिलाते हुए थाम कर हाथ
    आज भी कोई कहता है
    'रंग दूँ तुम्हें ....'
    ..... वाह!
    बहुत सुन्दर होली प्रस्तुति
    आपको सपरिवार होली की हार्दिक शुभकामनाएं

    उत्तर देंहटाएं
  33. "एक ख्याल दे जाये - साथ होने का "
    एक ऐसा पर्व जो साथ होने का बहाना दे जाए !
    आभार !

    उत्तर देंहटाएं
  34. बहुत सुन्दर कविता है रश्मि जी.
    रंग-पर्व पर हार्दिक बधाई.

    उत्तर देंहटाएं
  35. वाह, दीदी आपके अंदर आजभी एक अल्हड सी लड़की जिंदा है ये इस कविता से स्पष्ट हो जाता है ... उस लड़की को कभी खोने मत दीजियेगा ...
    कमाल की कविता ...

    उत्तर देंहटाएं
  36. तभी तो खिलखिलाते हुए थाम कर हाथ
    आज भी कोई कहता है
    'रंग दूँ तुम्हें ....'

    मधुर कल्पनाओं का त्योहार भी है होली ... प्रेम में डूब जाने का त्योहार भी ......
    आपको और समस्त परिवार को होली की हार्दिक बधाई और मंगल कामनाएँ ....

    उत्तर देंहटाएं
  37. नेह और अपनेपन के
    इंद्रधनुषी रंगों से सजी होली
    उमंग और उल्लास का गुलाल
    हमारे जीवनों मे उंडेल दे.

    आप को सपरिवार होली की ढेरों शुभकामनाएं.

    उत्तर देंहटाएं
  38. जीवन में चटख बने रहे रंग!

    जय हो।
    सदा आनंदा रहैं यहि द्वारे!

    उत्तर देंहटाएं
  39. पूछने की क्या बात है. होली है .

    उत्तर देंहटाएं
  40. sukhe rang se rango yaa rang bhare paani se..salo pahele ki holi ka rang bhi aaj bhi kaha niklaa hai..bahut sundar rachna...

    उत्तर देंहटाएं
  41. आपकी ये रचना कल 6 - 3 - 2012 नई-पुरानी हलचल पर पोस्ट की जा रही है .... ! आपके सुझाव का इन्तजार रहेगा .... !!

    उत्तर देंहटाएं

शाश्वत कटु सत्य ... !!!

जब कहीं कोई हादसा होता है किसी को कोई दुख होता है परिचित अपरिचित कोई भी हो जब मेरे मुँह से ओह निकलता है या रह जाती है कोई स्तब्ध...