12 नवंबर, 2011

जो चाहोगे वही मिलेगा !



मेरे पास है एक मासूम बच्चे सा मन
अनुभवों का आकाश
हौसलों से भरा विराट जादुई पंख
जिसे कितना भी काटो
वह खुद को पूर्ववत कर लेता है
मेरे पास हैं आम साधारण मंत्र
जो कभी भी
कहीं भी
तुम्हारी रक्षा कर सकते हैं
एकलव्य की आस्था
कर्ण की सहनशीलता, दानवीरता
अर्जुन की निष्ठा
प्रह्लाद सी निडरता
छलरहित दिमाग
गलत विरोधी कदम
सच कहने का अदम्य साहस ......
इस नज़रिए को ज़िन्दगी बना लो
तो सही मायनों में जी सकोगे
आँधियाँ कितनी भी आएँ - जूझ सकोगे ...
....
मैं ये नहीं कहती
कि आँखों से आंसू नहीं बहेंगे
यकीनन बहेंगे
.... वो ना बहे तो अन्दर की बेतरतीबी
सुलझेगी कैसे !

मैं ये भी नहीं कहती
कि रातों को जागोगे नहीं
यकीनन जागोगे
करवटें बदलोगे
.... ये न हुआ तो ठोस निर्णय
ले कैसे सकोगे ?

मेरे पास अनुभवों का एक खजाना है
जो कभी खाली नहीं होगा
तुम बस चाहना
....... जो चाहोगे वही मिलेगा !

51 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुन्दर रचना रश्मिजी...बेहद सारगर्भित

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  2. परिपक्वता के साथ परिपक्वता दर्शाती रचना ।

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  3. जिसके पास आस्था , निडरता , सहनशक्ति जैसी दुर्लभ चीज़ें हों वो हर आंधी से लड़ सकता है .. भले ही आँसू बहें या मन में कश्मकश चले .. लेकिन चाहने की ख्वाहिश होनी चाहिए ... वाह कितना सार्थक सन्देश दिया है आपने ..बहुत अच्छी प्रस्तुति

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  4. हमेशा की तरह गहरे भाव लिए बहुत सुंदर रचना वाकई तुम जो चाहोगे वही मिलेगा।....

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  5. गहन चिंतन से परिपूर्ण बहुत सारगर्भित प्रस्तुति..सदैव की तरह बहुत उत्कृष्ट...आभार

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  6. jo bhi kaha vaani ne...
    wo sab satya hi to hai
    yahi to sunti hu hamesha
    aur sach hai
    hamesha wahi mila mujhe
    jo maine chaha aapse

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  7. ....
    मैं ये नहीं कहती
    कि आँखों से आंसू नहीं बहेंगे
    यकीनन बहेंगे
    .... वो ना बहे तो अन्दर की बेतरतीबी
    सुलझेगी कैसे !

    मैं ये भी नहीं कहती
    कि रातों को जागोगे नहीं
    यकीनन जागोगे
    करवटें बदलोगे
    .... ये न हुआ तो ठोस निर्णय
    ले कैसे सकोगे ?

    बहुत सुंदर ...
    तुम बस चाहना .............जो चाहोगे वही मिलेगा ,

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  8. aapki rachnaye padhkar khud ko garv hota hai...
    ab me kya subhkaamnayen dun, bas mam aap hi aashirwaad banaye rakhiye..
    jai hind jai bharat

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  9. कितना सार्थक सन्देश दिया है आपने ..बहुत अच्छी प्रस्तुति

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  10. ओह! अब समझ आया रश्मि जी.
    रात में आपको नींद क्यों नही आती है.

    आपने तो कल्पवृक्ष और कामधेनु की
    खोज कर डाली है.
    मंथन...मंथन...मंथन......

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  11. मेरे पार अनुभवों का एक खजाना है
    जो कभी खाली नहीं होगा
    तुम बस चाहना
    ....... जो चाहोगे वही मिलेगा !

    बड़ों के अनुभव ही तो आगे बढ्ने का संबल देते हैं। और इसकी ज़रूरत हमे हमेशा रहेगी।


    सादर

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  12. भावनात्मकता.... और सहजता दोनों अलग चीज़ें है...
    और दोनों को बराबर सम्मान के साथ अभिव्यक्ति में उतारना..
    शब्दों में ढालना.. आपके अलावा किस्से उम्मीदें लगायें हम...
    शुभकामनाएं...
    आपका छोटा
    मोहनीश

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  13. हमेशा की तरह लाजवाब करती हुई अप्रतिम रचना...बधाई स्वीकारें

    नीरज

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  14. संकल्प में ही तो कल्पवृक्ष है..

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  15. sundar likhaa hai aapne


    देनेवाले बहुत हैं
    लेने वाला चाहिए
    दिल-ओ-दिमाग के
    दरवाज़े
    निरंतर खुले होने
    चाहिए

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  16. बेशक अनुभवों का खज़ाना कभी खाली नहीं होता ।
    बहुत सुन्दर प्रभावशाली रचना ।

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  17. जिसे ये खज़ाना मिल गया उसका फिर कोई क्या बिगड़ लेगा...

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  18. आदरणीया दीदी रश्मि प्रभा जी
    सस्नेहाभिवादन !

    मेरे पास अनुभवों का एक ख़ज़ाना है
    जो कभी खाली नहीं होगा
    तुम बस चाहना
    ....... जो चाहोगे वही मिलेगा !


    कछु हमरा भी भला कर देओ न दीदी !
    :)

    अनुपम अतुलनीय रचना !

    बधाई और मंगलकामनाओं सहित…
    - राजेन्द्र स्वर्णकार

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  19. एकलव्य की आस्था
    कर्ण की सहनशीलता, दानवीरता
    अर्जुन की निष्ठा
    प्रह्लाद सी निडरता
    छलरहित दिमाग....

    वाह दी वाह! यही सब तो तमाम सफलता की कुंजी है.... अत्यंत प्रभावशाली प्रेरक रचना...
    सादर बधाई....

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  20. एक मासूम बच्चे सा मन हो , अनुभवों का खज़ाना हो... फिर तो सचमुच जो चाहो वह मिलेगा!
    सुंदर रचना!

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  21. आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार के चर्चा मंच पर भी की गई है!
    यदि किसी रचनाधर्मी की पोस्ट या उसके लिंक की चर्चा कहीं पर की जा रही होती है, तो उस पत्रिका के व्यवस्थापक का यह कर्तव्य होता है कि वो उसको इस बारे में सूचित कर दे। आपको यह सूचना केवल इसी उद्देश्य से दी जा रही है! अधिक से अधिक लोग आपके ब्लॉग पर पहुँचेंगे तो चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।

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  22. रश्मि जी नमस्कार, सार्गर्भित रचना एक बच्चे सा मन--------------

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  23. मैं ये नहीं कहती
    कि आँखों से आंसू नहीं बहेंगे
    यकीनन बहेंगे
    .... वो ना बहे तो अन्दर की बेतरतीबी
    सुलझेगी कैसे !

    बहुत सुंदर रचना हमेशा की तरह

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  24. मेरे पास अनुभवों का एक ख़ज़ाना है
    जो कभी खाली नहीं होगा
    तुम बस चाहना
    ....... जो चाहोगे वही मिलेगा !
    बेशक...सचमुच...गहन चिंतन से परिपूर्ण सारगर्भित रचना.

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  25. कितनी आस्था, कितना विश्वास , कितना प्रेम ...
    मैं भी यही कहती शायद ...

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  26. जीवन का हर पल सहजता से जीया जाये……जो चाहोगे वही मिलेगा…साहस, धीरज, धरम, विवेक हों अपने हाथ……'शक्ति' का हो साथ जो चाहोगे जरूर मिलेगा…अति सुंदर रचना…आभार!

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  27. अनुभवों का दुर्लभ खज़ाना किसी की भी मदद करने में सक्षम है. बेहद खूबसूरत और सार गर्भित प्रस्तुति.

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  28. सुन्दर पंक्तिया सुन्दरता से रची हुई ...

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  29. बालसुलभ मासूमियत के साथ,आस्था,दानवीरता,नि्ष्ठा,निरता,साहस हो और सवेदनशीलता के दो आंसू हों—तो जो चाहोगे वही मिलेगा.सत्य.

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  30. सब देने में सक्षम यह मन,
    माँग लिया होता अपनापन।

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  31. बहुत खूब .. जो चाहा वही तो मिलेगा ...

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  32. मैं ये नहीं कहती
    कि आँखों से आंसू नहीं बहेंगे
    यकीनन बहेंगे
    .... वो ना बहे तो अन्दर की बेतरतीबी
    सुलझेगी कैसे !
    अत्यंत प्रभावशाली ...

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  33. सच कहने का अदम्य साहस ......
    इस नज़रिए को ज़िन्दगी बना लो
    तो सही मायनों में जी सकोगे
    आँधियाँ कितनी भी आएँ - जूझ सकोगे ...

    सार्थक संदेश देती प्रभावशाली रचना।

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  34. खूबसूरत कविता... मन को छूती हुई सी

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  35. मेरे पास अनुभवों का एक खजाना है
    जो कभी खाली नहीं होगा
    तुम बस चाहना
    ....... जो चाहोगे वही मिलेगा !

    आपके पास तो भाव का खजाना देखा और अनुभवों के खजानों से रूबरू हो लिया ! बहुत सुन्दर प्रस्तुति !

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  36. इस नज़रिए को ज़िन्दगी बना लो
    तो सही मायनों में जी सकोगे
    आँधियाँ कितनी भी आएँ - जूझ सकोगे ...

    आप से नई जुडी हू ,जब भी आपको पढ़ती हूँ ,बहुत प्रभावित होती हू ..रचना के बारे मैं क्या कहूँ ..हमेसा कि तरह अद्वतीय

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  37. अनुभव से बड़ा शिक्षक कोई नहीं है।

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  38. तुम बस चाहना
    ....... जो चाहोगे वही मिलेगा !
    kya baat hai......

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  39. बहुत खूबसूरत अनुभवों की सौगात है ।

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  40. मेरे पास अनुभवों का एक खजाना है
    जो कभी खाली नहीं होगा
    तुम बस चाहना
    ....... जो चाहोगे वही मिलेगा !हम सबको इसी की जरुरत है..... फिर तो अपने कह ही दिया है.... जो चाहोगे वही मिलेगा.... बहुत- बहुत आभार आपका....

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  41. बहुत ही सुन्दर मन को छूती और एक अच्छे व्यक्तित्व वाले ह्रदय के करीब पन्हुन्चाती हुयी मालूम पड़ी आपकी रचना|

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  42. सुंदर रचना ...
    शुभकामनायें आपको !

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  43. तुम बस चाहना
    ....... जो चाहोगे वही मिलेगा !
    आपकी यह सोच आपको सबसे ऊंचा और श्रेष्‍ठ बनाती है ... ।

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अक्षम्य अपराध

उसने मुझे गाली दी .... क्यों? उसने मुझे थप्पड़ मारा ... क्यों ? उसने मुझे खाने नहीं दिया ... क्यों ? उसने उसने उसने क्यों क्यों ...