24 अक्तूबर, 2011

दिवाली की शुभकामनायें



बाती की उठान पर
अदृश्य लक्ष्मी का स्वागत है
रौशनी है प्रखर
फिर मेरी आँखों में आंसू क्यूँ हैं
लक्ष्मी की आगवानी
मेरा तिरस्कार
क्या सच है तुम्हारा
और झूठ क्या है ?

( रौशनी जितनी आँखों में भर सकें , भरें - अँधेरा उतना ही कम होता जायेगा ...
दिवाली की शुभकामनायें )

54 टिप्‍पणियां:

  1. boht sundar or sach likha hai aapne

    lakshmi ki aagwani , mera tiraskar, kya sach hai tumhara or jhut kya hai

    aapko or aapke pariwaar ko diwali ki dher sari shubkamnaye

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  2. सुन्दर अभिव्यक्ति.

    धनतेरस व दीपावली की आपो हार्दिक शुभकामनाएँ.

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  3. गहरी बात लिए पंक्तियाँ ........ हार्दिक शुभकामनायें

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  4. जब बेटी पैदा होती है तो कहा जाता है लक्ष्मी आई है ...लेकिन उसी बेटी का लोग तिरस्कार भी करते हैं .. सच क्या है और झूठ क्या ..यही जानने की कश्मकश ... आज के दिन अच्छा और सार्थक प्रश्न किया है ..

    दीपावली की शुभकामनाएं

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  5. लक्ष्मी की आगवानी
    मेरा तिरस्कार....
    वाह दी, वाह!
    कितनी सार्थक रचना रची है आपने....

    आपको दीप पर्व की सपरिवार सादर बधाईयाँ...

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  6. रौशनी जितनी आँखों में भर सकें , भरें - अँधेरा उतना ही कम होता जायेगा ...
    शुभकामनाओं का यह संदेश ...यूं ही अलौकिक रहे ..शुभकामनाओं के साथ ..।

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  7. आपको भी सपरिवार दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ!

    कल 25/10/2011 को आपकी कोई पोस्ट!
    नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद

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  8. दीपावली की हार्दिक शुभकामनाओ के साथ ………

    आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति आज के तेताला का आकर्षण बनी है
    तेताला पर अपनी पोस्ट देखियेगा और अपने विचारों से
    अवगत कराइयेगा ।

    http://tetalaa.blogspot.com/

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  9. सार्थक प्रश्न उठाती अभिव्यक्ति...दीपावली की शुभकामनाएँ|

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  10. सच दुनिया देखती नहीं
    और झूठी शान के पीछे भागती है
    घर आई हाड़-मांस की लक्ष्मी को
    ....... दुत्कारती है
    और अंगूठे की नोक पर रखने वाली
    पैसे की लक्ष्मी को पूजती है
    क्या है ये दुनिया .. ?
    और ऐसी क्यूँ है ये दुनिया .. ?

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  11. दिवाली की आपको भी हार्दिक शुभकामनाएँ !

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  12. सार्थक अभिव्यक्ति... दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें...

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  13. बहुत सुंदर सार्थक रचना !
    दीपावली आपकी मंगलमय हो !

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  15. लक्ष्मी की आगवानी
    मेरा तिरस्कार
    क्या सच है तुम्हारा
    और झूठ क्या है ?
    ..सटीक चित्र और सटीक चिंतन ..
    सच धनलक्ष्मी की इतनी पूजा और घर में बैठी साक्षात् लक्ष्मी का तिरस्कार ..जाने कब समझेंगे हम.......
    सार्थक प्रस्तुति के साथ ही दीपवाली की हार्दिक शुभकामनायें

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  16. सुन्दर प्रस्तुति
    आपको और आपके प्रियजनों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें….!

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  17. सुन्दर भावाभिव्यक्ति
    दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ

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  18. रौशनी जितनी आँखों में भर सकें , भरें - अँधेरा उतना ही कम होता जायेगा ...sarthak panktiya.... shubh dipawali......

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  19. भावों से लबरेज़.
    दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें.

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  20. इसी सच और झूठ में दुनिया उलझी रहती है ।
    दिवाली की हार्दिक शुभकामनायें जी ।

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  21. आज के दिन के लिए सार्थक रचना.
    आप और आपके परिवार को दिवाली की ढेरों शुभकामनायें.

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  22. आपको व आपके परिवार को दीपावली कि ढेरों शुभकामनायें

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  23. बहुत सटीक .. आपको दीपावली की शुभकामनाएं !!

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  24. दीवाली मनाओ, बेटी बचाओ.
    दीपावली की शुभकामना

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  25. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...दीपावली की ढेरों शुभकामनाएं

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  26. बहुत सुन्दर...दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें!

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  27. सार्थक,सुंदर पोस्ट,आपके ब्लॉग में पहली आया,आना सार्थक रहा,
    दीपावली की शुभकामनाये,
    समर्थक बन्र रहा हूँ

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  28. बहुत सुन्दर एवं सटीक रचना !
    आपको दीप पर्व दीपावली की शुभ कामनाएं !!

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  29. बहुत सुन्दर एवं सटीक रचना !
    आपको दीप पर्व दीपावली की शुभ कामनाएं !!

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  30. आप को भी परिवार समेत दीवाली की शुभकामनायें।

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  31. कम शब्दों में बड़ी बात...शुभ दीपावली...

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  32. यक्ष प्रश्न ...** दीप ऐसे जले कि तम के संग मन को भी प्रकाशित करे ***शुभ दीपावली **

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  33. बहुत सुंदर
    रोशनी जितनी भी आंखों में भर सकें भरें, अंधेरा उतना ही कम होता जाएगा। मैं सौ प्रतिशत सहमत हूं।

    दीपावली की ढेर सारी शुभकामनाएं

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  34. बहुत सुन्दर हमेशा की तरह...
    दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं

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  35. रौशनी जितनी आँखों में भर सकें , भरें - अँधेरा उतना ही कम होता जायेगा ...
    kya baat hai......

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  36. आखिर की दो पक्तियों में बहुत सी बातें छिपी है..अपने जीवन के अँधेरे तब भी बड़ी तेजी से मिटते हैं, जब हम खुद को भूल दूसरों के जीवन में रोशनी भरने को जीते है..!

    दीवाली की शुभकामनायें.

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  37. आप सभी को दीपोत्सव,गोवर्धन पूजा तथा भाई-दूज की हार्दिक शुभकामनायें

    सादर

    सुनीता शानू

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  38. अदृश्य लक्ष्मी का स्वागत ...
    वास्तविक लक्ष्मी का तिरस्कार ...
    यही तो विरोधाभास है , जिसमे हम सब जीते हैं !

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  39. नेट अनुपलब्धतावश विलम्ब से---दीप-पर्व की शुभकामनायें .

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अक्षम्य अपराध

उसने मुझे गाली दी .... क्यों? उसने मुझे थप्पड़ मारा ... क्यों ? उसने मुझे खाने नहीं दिया ... क्यों ? उसने उसने उसने क्यों क्यों ...