26 जुलाई, 2011

सपनों की कभी हार नहीं होती



दो बुलबुले आँखों के मुहाने से
बादलों की तरह
ख़्वाबों की दुनिया बनाते हैं ....
ये ख़्वाबों की दुनिया
कितनी अच्छी लगती है !
न कहीं जाना
ना कोई खर्च
सबकुछ पास उतर आता है
बादल , पहाड़, चाँद , सितारे
आकाश, पाताल , धरती , नदी
बस ख्वाहिशों के धागे खोलते जाओ
सपनों की पतंग ऊपर ऊपर बहुत ऊपर
..... मजाल है कोई काटे ...
कैची भी तुम्हारे हाथ !
चाहो और खिलखिलाओ
टप्प से आंसू बहा लो... हल्के हो जाओ
सोच लो- उसकी हथेली सामने
परिधान भी एक से एक - मनचाहे
खूबसूरत से खूबसूरत हसीन वादियाँ
ओह ! वक़्त कम पड़ जाता है ...
गीत आँखों में थिरकते हैं
पैरों में मचलते हैं
सब अपना बस अपना लगता है !
सोओ जागो ... सपना साथ साथ चलता है
प्यार ख़्वाबों में ... बहुत चटकीला होता है
महकता है बहकता है
सावन के गीत गाता है
खुद ही विछोह पैदा कर बिरहा गाता है
तानसेन, बैजू बावरा सबकी हार
एक मटकी के सहारे
कई नदिया पार .....
अपना कैनवस अपनी आकृति अपने रंग
कुछ भी अनछुआ नहीं होता
.... सपनों की कभी हार नहीं होती
अपनी जीत मुट्ठी में होती है !

41 टिप्‍पणियां:

  1. खूबसूरत कविता... आपकी हर कविता नवीनता लिए होती है... यह कैनवास अच्छा लगा...

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  2. कहाँ कहाँ घुमा लाये ये सपने....
    सपनों की कभी हार नहीं होती....
    वाह दी, बहुत सुन्दर कविता है...
    सादर...

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  3. मजाल है कोई काटे ...
    कैची भी तुम्हारे हाथ !
    चाहो और खिलखिलाओ
    टप्प से आंसू बहा लो... हल्के हो जाओ !

    बहुत सुन्दर !
    सादर...

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  4. .... सपनों की कभी हार नहीं होती
    अपनी जीत मुट्ठी में होती है !

    ekdam sach!!! bahut sunder :-) maza aagaya pad kar... din ban gaya!

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  5. अपना कैनवस अपनी आकृति अपने रंग
    कुछ भी अनछुआ नहीं होता
    .... सपनों की कभी हार नहीं होती
    अपनी जीत मुट्ठी में होती है !
    kitni badi baat......kitni achchi baat....ekdam manpasand.

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  6. सपने हारते है तो जीवन भी नहीं बचता , गहन भाव , हमेश की तरह उम्दा साहित्य

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  7. स्वप्नों के साकार होने की संभावना के कारण विश्व जीवित है।

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  8. सपनों में हम खुद को जी लेते हैं ..सुन्दर रचना

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  9. ankhon ke sahare kya kya manjar dikha diye maa..bhavnaon ki ek aur khoobsoorat abhivyakti..

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  10. Sapno ki kabhi har nahi hoti,
    sapno ki hakikat se takraar nahi hoti.
    Dekhte hain sabhi sapne yahan,
    kisi ko milti hai manjil or kisi ko rah nahi hoti.............

    Mam apki ye rachna bahut achi lagi......
    Jai hind jai bharatoti.
    Dekhte hain sabhi sapne yahan,
    kisi ko milti hai manjil or kisi ko rah nahi hoti.............

    Mam apki ye rachna bahut achi lagi......
    Jai hind jai bharat

    उत्तर देंहटाएं
  11. आपने कहा तो फिर मान गए की सपनो की कभी हार नही होती....

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  12. अपना कैनवस अपनी आकृति अपने रंग
    कुछ भी अनछुआ नहीं होता
    .... सपनों की कभी हार नहीं होती
    अपनी जीत मुट्ठी में होती है !

    यह पंक्तियां किसी के लिये प्रेरणा बन जाएंगी .. किसी के स्‍वप्‍न भी साकार कर देंगी कभी ...क्‍योंकि आपने बिल्‍कुल सच कहा है.. सपनों की कभी हार नहीं होती ...इस बेहतरीन लेखन के लिये आपकी लेखनी को नमन और आपका आभार ।

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  13. सच में सपने ऐसे ही होते है
    बहुत सुंदर .......

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  14. रश्मि जी आपकी रचनाएँ पढ़ कर एक विशेष आनंद की प्राप्ति होती है...इस विलक्षण लेखन के लिए बधाई स्वीकारें...
    नीरज

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  15. अपना कैनवस अपनी आकृति अपने रंग
    कुछ भी अनछुआ नहीं होता
    .... सपनों की कभी हार नहीं होती
    अपनी जीत मुट्ठी में होती है !

    रश्मि जी आपकी रचनाएँ प्रेरणा से भरपूर होती हैं, आपने सच कहा है, सपनों की कभी हार नहीं होती... बहुत सुन्दर रचना और आपने इतने सुन्दर संसार में पहुंचा दिया की कुछ देर के लिए इस दुनिया को ही भूल गए हम...

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  16. प्यार ख़्वाबों में ... बहुत चटकीला होता है
    महकता है बहकता है
    सावन के गीत गाता है
    खुद ही विछोह पैदा कर बिरहा गाता है
    तानसेन, बैजू बावरा सबकी हार
    एक मटकी के सहारे
    कई नदिया पार .....
    बहुत सुन्दर........!!सपने स्वयं में ही कितने सुहाने ...होते हैं .

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  17. सुन्दर रचना
    मन को गहरे तक छू गई....बेहद मर्मस्पर्शी..

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  18. बहुत सुन्दर और भावपूर्ण रचना...आभार...
    मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-

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  19. अपना कैनवस अपनी आकृति अपने रंग
    कुछ भी अनछुआ नहीं होता
    .... सपनों की कभी हार नहीं होती
    अपनी जीत मुट्ठी में होती है !
    ....aur iske liye hausle ko hamesha jinda rakhna hota hai..
    sach didi ji sapne jeene ke liye bahut jaruri hain..
    bahut badiya rachna prastuti ke liye aabhar!

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  20. आपकी सपनीली कविता मन को सपनीली दुनिया में ले जाती है...और यही आपके लेखन की सफलता है..

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  21. आपकी सपनीली कविता मन को सपनीली दुनिया में ले जाती है...और यही आपके लेखन की सफलता है..

    उत्तर देंहटाएं
  22. .... सपनों की कभी हार नहीं होती
    अपनी जीत मुट्ठी में होती है !

    यही सच भी है... सपने ही तो जिंदगी को जीने लायक बनाए रखतें है. बेहद खूबसूरत अभिव्यक्ति. आभार.
    सादर,
    डोरोथी.

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  23. अपना कैनवस अपनी आकृति अपने रंग
    कुछ भी अनछुआ नहीं होता
    .... सपनों की कभी हार नहीं होती
    अपनी जीत मुट्ठी में होती है !

    ये ख़्वाब ही तो हैं जो हमें कुछ नया करने को प्रेरित करते हैं. हममे नयी उड़ान का जज़्बा पैदा करते हैं.
    बहुत सुन्दर कविता है आपकी!!

    आभार

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  24. arey arey itna mat ghoomo bina tikat ke, aap to chaand, pahaad, baadal, sitare, aakaash, paatal, dharti sab jagah bina tikat ghoom lena chaahti ho arey bhai kayi bar keemti moti tax me dene pad jate hain vo bhi beshumar. so lagaam dijiye ji apni in keemti khwahishon ko aur kanjusi kijiye. :)

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  25. बहुत सही कहा दीदी
    सपने कभी नहीं हारते
    बस हमको सपने देखना छोड़ना नहीं चाहिए

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  26. बहुत सुन्दर कविता ..

    सच में .... सपनों की कभी हार नहीं होती ...

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  27. सपने तो देखने के लिए ही हैं...बस ख्वाहिशों के धागे खोलते जाओ...

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  28. बहुत ही सटीक लिखा है आपने...
    ये कुछ शब्द जो अभी अभी
    मेरे मन में कुलबुला उठे तो
    कुछ लिख दिया .....
    ये अँधेरे कितने भी
    काले क्यूँ ना हों लेकिन
    रात को आगोश में ले जब भी
    इन सपनो के साथ मैं सोता हूं
    खुद को ही पाता हूं....
    एक सुकून के साथ......
    इन अंधरों में इन सपनो में
    दिन के उजालों से दूर
    मेरी एक अलग ही दुनिया बस्ती है...अक्षय-मन

    "अक्षय-मन !!कुछ मुक्तक कुछ क्षणिकाएं!! से"

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  29. बहुत ही खूबसूरत से शब्‍द दिये हैं आपने

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  30. सावन के गीत गाता है
    खुद ही विछोह पैदा कर बिरहा गाता है
    तानसेन, बैजू बावरा सबकी हार
    एक मटकी के सहारे
    कई नदिया पार .....
    अपना कैनवस अपनी आकृति अपने रंग
    कुछ भी अनछुआ नहीं होता
    .... सपनों की कभी हार नहीं होती
    अपनी जीत मुट्ठी में होती है !
    kya panktiya hai bahut hi sunder
    patanahi kyu bahuut dino se yahi bat mere man bhi thi .aur aapko jan kar ashchrya hoga ki abhi mene kshanikayen likhin hai spno pr hi
    atah aapko kavita aur bhi dil ke karib lagi
    rachana

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  31. रश्मि प्रभा जी,
    नमस्कार,
    आपके ब्लॉग को "सिटी जलालाबाद डाट ब्लॉगपोस्ट डाट काम"के "हिंदी ब्लॉग लिस्ट पेज" पर लिंक किया जा रहा है|

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  32. ekdam sahi..vaha to hum hi raja hote hai..

    ख़्वाब पर तो किसी का ना हक है ना काबू,
    देखो हमने तुम्हें वही देखा और प्यार कर लिया

    नीता कोटेचा

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  33. hmmm... shaayd isliye main sapne bahut dekhti hun... ya dekhne ke liye soti jyada hun. :-)

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अक्षम्य अपराध

उसने मुझे गाली दी .... क्यों? उसने मुझे थप्पड़ मारा ... क्यों ? उसने मुझे खाने नहीं दिया ... क्यों ? उसने उसने उसने क्यों क्यों ...