About Us



मेरे एहसास इस मंदिर मे अंकित हैं...जीवन के हर सत्य को मैंने इसमे स्थापित करने की कोशिश की है। जब भी आपके एहसास दम तोड़ने लगे तो मेरे इस मंदिर मे आपके एहसासों को जीवन मिले, यही मेरा अथक प्रयास है...मेरी कामयाबी आपकी आलोचना समालोचना मे ही निहित है...आपके हर सुझाव, मेरा मार्ग दर्शन करेंगे...इसलिए इस मंदिर मे आकर जो भी कहना आप उचित समझें, कहें...ताकि मेरे शब्दों को नए आयाम, नए अर्थ मिल सकें ...

14 फरवरी, 2012

प्यार कुप्यार न भवति



प्यार की व्याख्या नहीं होती - हो ही नहीं सकती
प्यार के शब्द नहीं होते - सब कम लगते हैं
प्यार सरेआम का एहसास नहीं
आँखों में तैरता एक ख़ास बादल होता है
प्यार न तर्क
प्यार न टाइम पास
प्यार न एक दिन का दायरा
.... हाँ बर्थडे की तरह एक पूरा दिन इसके नाम ( १४ फरवरी )
................
प्यार - सबकुछ खोकर भी बहुत कुछ पाना है
जिस तरह माता कुमाता न भवति
उसी तरह
प्यार कुप्यार न भवति

49 टिप्पणियाँ:

सदा ने कहा…

जिस तरह माता कुमाता न भवति
उसी तरह
प्यार कुप्यार न भवति
वाह ... बहुत खूब ये तर्क तो सारे शब्‍दों को मौन कर गया ...

रश्मि प्रभा... ने कहा…

यह तर्क नहीं , सीधी सच्ची बात है

वन्दना ने कहा…

जिस तरह माता कुमाता न भवति
उसी तरह
प्यार कुप्यार न भवति

सही कहा प्यार कुप्यार नही होता ……सिर्फ़ प्यार मे बेवफ़ाई करने वाले ही गलत हो सकते हैं मगर प्यार तो हर युग मे पवित्र ही रह्ता है।

यादें....ashok saluja . ने कहा…

प्यार एक कोमलता भरा एहसास है ..
अहसास महसूस होता है ..ये व्याख्या नही मांगता |

अनुपमा पाठक ने कहा…

प्यार तो प्यार है...
जैसे कुमाता नहीं होती वैसे ही कुप्यार नहीं होता:)
wow!

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

आँखों में तैरता बादल .... सुंदर बिम्ब ।

Sonal Rastogi ने कहा…

so sweet

पी.सी.गोदियाल "परचेत" ने कहा…

प्यार न तर्क
प्यार न टाइम पास
प्यार न एक दिन का दायरा
.... हाँ बर्थडे की तरह एक पूरा दिन इसके नाम ( १४ फरवरी )
Exectly,

Dr.Nidhi Tandon ने कहा…

प्यार अगर कुप्यार हो जाएगा तो अपने स्वरुप जैसा उसमें कहीं कुछ शेष कहाँ रह जाएगा

चला बिहारी ब्लॉगर बनने ने कहा…

सिर्फ एहसास है ये, रूह से महसूस करो,
प्यार को प्यार ही रहने दो कोई नाम न दो!!
बहुत खूबसूरत बात कही आपने!!

ऋता शेखर मधु ने कहा…

कुप्यार तो छल प्रपंच है,प्यार तो बस प्यार हे-निर्मल और निष्कपट!

मनीष सिंह निराला ने कहा…

प्यार - सबकुछ खोकर भी बहुत कुछ पाना है
जिस तरह माता कुमाता न भवति
उसी तरह
प्यार कुप्यार न भवति

बहुत सुंदर एवं सार्थक प्रस्तुति !
आभार !

Vibha Rani Shrivastava ने कहा…

प्यार - सबकुछ खोकर भी बहुत कुछ पाना है
जिस तरह माता कुमाता न भवति
उसी तरह
प्यार कुप्यार न भवति
हाइकु मे दिखता सच और आपके शब्द , "प्यार" को आकाश इतना विशाल और समुंदर जितना गहरा अर्थ दिया है.... आभार....

राजेश उत्‍साही ने कहा…

प्‍यार आंखों में तैरता आवारा बादल ही तो है।

mridula pradhan ने कहा…

प्यार सरेआम का एहसास नहीं
आँखों में तैरता एक ख़ास बादल होता है kya paibhasha hai.....wah.

सदा ने कहा…

कल 15/02/2012 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्‍वागत है !
क्‍या वह प्रेम नहीं था ?

धन्यवाद!

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') ने कहा…

सच कहा दी...
सादर.

NISHA MAHARANA ने कहा…

प्यार - सबकुछ खोकर भी बहुत कुछ पाना है .very nice.

वन्दना अवस्थी दुबे ने कहा…

बहुत सुन्दर!!!!!

shikha varshney ने कहा…

एकदम सटीक.

रेखा ने कहा…

सही लिखा है आपने ..

Amrita Tanmay ने कहा…

बहुत खूब..

डॉ टी एस दराल ने कहा…

सही कहा ! प्यार की व्याख्या हो ही नहीं सकती ।

sushma 'आहुति' ने कहा…

प्यार न तर्क
प्यार न टाइम पास
प्यार न एक दिन का दायरा
.... हाँ बर्थडे की तरह एक पूरा दिन इसके नाम ( १४ फरवरी )प्यार के लिए यही एकदम सीधी सच्ची बात.....

नीरज गोस्वामी ने कहा…

प्यार सरेआम का एहसास नहीं
आँखों में तैरता एक ख़ास बादल होता है
वाह...क्या अद्भुत बात कही है आपने...बहुत कमाल की रचना

नीरज

Naveen Mani Tripathi ने कहा…

Wah kya khoob likha hai apne ....Prem ki adbhud vyakhya ....saundar rachana aur Prem diwas pr hardik badhai.

dheerendra ने कहा…

प्यार तो बस प्यार होता है.
बहुत अच्छी रचना,सुंदर प्रस्तुति

MY NEW POST ...कामयाबी...

केवल राम : ने कहा…

वाह यह प्यार .....!

anju(anu) choudhary ने कहा…

waah bahut khub

महेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा…

बहुत सुंदर,

क्या बात है

Vaanbhatt ने कहा…

कुप्यार...इस नए शब्द का स्वागत है...यदि विलोम ना हो तो शब्द अपने अर्थ खो देंगे...ये कुप्यार ही है जो प्यार की अहमियत समझाता है...

vidya ने कहा…

बहुत सुन्दर रश्मि दी...
प्यार तर्क नहीं...
मीठा एहसास है..
जैसे मीठी है आपकी रचना..
सादर.

lokendra singh rajput ने कहा…

प्यार तो बस एक अहसास है... भारतीय समाज में तो यह सभी दिन बहता है... कुप्यार कुछ नहीं होता सच है... जो चित्र प्यार के नाम पर हमारे आसपास दिख रहा है झूंड के रूप में वो प्यार है ही नहीं... प्यार तो प्यार होता है... निश्छल, निर्मल और पवित्र...

Bharat Bhushan ने कहा…

प्यार का 'नेति-नेति' का सफ़र बहुत सुंदर बन पड़ा है.

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

सशक्त अभिव्यक्ति ...बेहतरीन व्याख्या प्रेम के पावन रूप की....

वाणी गीत ने कहा…

प्यार सबकुछ खोकर भी पाना है ...
एक दूसरे की प्रसन्नता में प्रसन्न होना ही प्यार है !

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

प्रेम पारस की तरह सब सुखमय कर देता है..

Mukesh Kumar Sinha ने कहा…

प्यार कुप्यार न भवति :))
ye to facebook pe status ke layak hai di:)))

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) ने कहा…

बहुत ही बढ़िया

सादर

Maheshwari kaneri ने कहा…

प्यार एक एहसास है .बहुत सुन्दर....

Kailash Sharma ने कहा…

प्यार सरेआम का एहसास नहीं
आँखों में तैरता एक ख़ास बादल होता है

....बिलकुल सच..प्यार सिर्फ़ एक अहसास है जो शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता..

Anand Dwivedi ने कहा…

प्यार - सबकुछ खोकर भी बहुत कुछ पाना है
जिस तरह माता कुमाता न भवति
उसी तरह
प्यार कुप्यार न भवति
...
didi... pyar to sab kuchh khokar bhi sab kuchh hi paa lena hai !

Aditya ने कहा…

Behtareen rachna..

bilkul sahi kaha aapne.. pyaar kabhi kupyaar nahi hota..
jise kupyaar kahaa jaye wo kabhi pyaar tha hi nahi...


palchhin-aditya.blogspot.com

Atul Shrivastava ने कहा…

सच कहा आपने।

प्‍यार तो सिर्फ प्‍यार होता है....

dinesh aggarwal ने कहा…

प्यार की सटीक और सार्थक व्याख्या।
सचमुच यही प्यार है.....
नेता- कुत्ता और वेश्या (भाग-2)

संगीता तोमर Sangeeta Tomar ने कहा…

सार्थक रचना......

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) ने कहा…

सच कहा आपने, प्यार-सब कुछ खोकर भी बहुत कुछ पाना है.

दिगम्बर नासवा ने कहा…

प्रेम तो सतत है .... नदी की तरह बहता हुवा है ... एक दिन से ये और मजबूत हो कोई फर्क नहीं पढता ...

डॉ. नूतन डिमरी गैरोला- नीति ने कहा…

bahut sundar likha hai aapne... aur sahi pyaar kupyaar na bhavti... Par aaj kee parasthitiyon me hamne dekha hai.. nayi pidi me pyaar sirf time paas hai... yaa vo pyaar tak pahuch hee nahi paate..is liye us sandarbh me kuch baat badal bhi jaati hain...