02 जनवरी, 2022

नया साल

 

नया साल,

 कुछ शोर

कुछ सन्नाटे में आया

और एक पूरा दिन गुजारकर

अंगीठी के आगे बैठ गया है ।

बीते साल का सूप पीते हुए

यह नया साल ओमिक्रोन से बचने की तरकीब बता रहा है,

और लोग !!!

अपनी अपनी बुद्धिमत्ता के पर्चे बाँट रहे हैं,

"अरे कुछ नहीं होगा,

हुआ भी तो कोई दिक्कत नहीं,

मरना तो है ही,

कैसे - वह भी तय है,

अगर इसीसे तो क्या कर सकता है आदमी !"

और कुछ लोग मासूमियत से सुनते हुए

डबल,ट्रिपल मास्क लगाकर बैठ जाते हैं . . .

"जो भी हो ख्याल तो रखना ही होगा"

ह्म्म्म ...

भीड़ से एक आवाज आती है,

कुछ नहीं होगा यह सब पहनने से,

जब होना है, हो ही जायेगा !

नया साल 

अपनी एक वर्षीय यात्रा को 

ध्यान में रखकर

महामृत्युंजय मंत्र पढ़ रहा है ...

15 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी लिखी रचना सोमवार. 3 जनवरी 2022 को
    पांच लिंकों का आनंद पर... साझा की गई है
    आप भी सादर आमंत्रित हैं।
    सादर
    धन्यवाद।

    संगीता स्वरूप

    जवाब देंहटाएं
  2. बीते साल का सूप पीना और मृत्युंजय जाप करना गज़ब के रूपक और उपमाएँ दी हैं .... सारगर्भित अभिव्यक्ति .

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  3. सबके अपने-अपने तौर तरीके हैं जिन्दा रहने के लिए

    बहुत अच्छी प्रेरक प्रस्तुति
    नववर्ष मंगलमय हो सबका यही कामना करते हैं

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  4. सराहनीय अभिव्यक्ति।
    आपको नववर्ष की हार्दिक बधाई एवं ढेरों शुभकामनाएँ।
    सादर नमस्कार दी।

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  5. एक निराले अन्दाज में लिखी गई यह रचना समय की यात्रा का एक नया ही पक्ष दिखा गई- बधाई रश्मिजी को .

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  6. जितने मुँह उतनी बातें, समय तो अपनी गति से चलता ही जाएगा, काल है न वह, उसे कौन बदल सकता है

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  7. अरे गजब
    नया साल
    अपनी एक वर्षीय यात्रा को
    ध्यान में रखकर
    महामृत्युंजय मंत्र पढ़ रहा है ...

    बेहतरीन बिंब सशक्त अभिव्यक्ति।
    प्रणाम
    सादर।

    जवाब देंहटाएं
  8. सादर नमस्कार ,

    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (4-1-22) को "शिक्षा का सही अर्थ तो समझना होगा हमें"(चर्चा अंक 4299)पर भी होगी।
    आप भी सादर आमंत्रित है..आप की उपस्थिति मंच की शोभा बढ़ायेगी .
    --
    कामिनी सिन्हा

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  9. नया साल
    अपनी एक वर्षीय यात्रा को ले एमएमध्यान में रखकर ,//महामृत्युंजय मंत्र पढ़ रहा है ...///
    गजब अभिव्यक्ति रश्मि जी। हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं 🙏🌷🌷💐💐

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  10. वाह!!!
    बस यही दुआ है ये महामृत्युंजय मन्त्र सफल हो
    सद्बुद्धि आये सभी को...
    लाजवाब सृजन
    नववर्ष मुबारक हो

    जवाब देंहटाएं
  11. भीड़ से एक आवाज आती है,
    कुछ नहीं होगा यह सब पहनने से,
    जब होना है, हो ही जायेगा!
    ऐसी सोच बहुत ही खतरनाक है ! हमें सतर्क रहने की सख्त जरूरत है! एक लापरवाही से कईयों की जिंदगी खतरे में पड़ सकती है!
    हकीकत को बयां करता हुआ बहुत ही खूबसूरत सृजन

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  12. हे भगवान नववर्ष की लाज रखना ....
    बिल्कुल यही माहौल बना हुआ है
    सटीक लिखा है आपने

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  13. सटीक अभिव्यक्ति । सब अच्छा हो । नए साल में यही कामना है🙏🙏

    जवाब देंहटाएं

नया साल

  नया साल,  कुछ शोर कुछ सन्नाटे में आया और एक पूरा दिन गुजारकर अंगीठी के आगे बैठ गया है । बीते साल का सूप पीते हुए यह नया साल ओमिक्रोन से बच...