18 नवंबर, 2007

हरि का जन्म...




जो क्रम चला सतयुग,द्वापर,कलयुग का
तो क्रम जारी है
फिर सतयुग की बारी है.
सत्य कभी मरता नहीं
अतीत के गह्वर में टिकता नहीं...
मही डोलेगी,गगन डोलेगा
काल विनाश के लिए
हरि का जन्म होगा...
आत्मा का नाश नहीं
आत्मा अमर है
कहा था श्री कृष्ण ने...
तो कृष्ण की आत्मा हमारे पास ही है
सृष्टि के आरंभ से आज तक
प्रभु हमारे साथ ही हैं
हवाओं में उनका स्पर्श है
मौन में आशीष है
गर है यह सत्य
"जब जब धर्म का नाश होता है मैं अवतार लेता हूँ"
तो निश्चय ही
प्रभु का जन्म होगा
हमें डूबने से बचाने को
अन्याय के विरोध में
साई मार्ग बताने को
हरि का जन्म होगा
मही डोलेगी गगन डोलेगा
हरि का जन्म होगा

1 टिप्पणी:

  1. अच्छी रचना है ..बधाई !!!!
    कभी हमारे ब्लोग पर तशरीफ़ लाईये !!!
    Raj Yadav

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